Karam Ki Gati Nyari Santo

Karam Ki Gati Nyari Santo

करम की गति न्यारी न्यारी संतो

करम की गति न्यारी न्यारी, संतो।
बड़े बड़े नयन दिए मिरगन को,
बन बन फिरत उधारी॥
करम की गति न्यारी न्यारी, संतो …
उज्वल वरन दीन्ही बगलन को,
कोयल लार दीन्ही कारी॥
करम की गति न्यारी न्यारी, संतो …
औरन दीपन जल निर्मल किन्ही,
समुंदर कर दीन्ही खारी॥
करम की गति न्यारी न्यारी, संतो …
मूर्ख को तुम राज दीयत हो,
पंडित फिरत भिखारी॥
करम की गति न्यारी न्यारी, संतो …
मीरा के प्रभु गिरिधर नागुण
राजा जी को कौन बिचारी॥
करम की गति न्यारी न्यारी, संतो …

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